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शिक्षा से समाज का विकास होता है और सामाजिक विकास की बुनियाद पर ही देश का विकास टिका होता है I उसी सामाजिक विकास की बुनियाद को मजबूत करने के लिए भारत लोक शिक्षा परिषद् एकल विद्यालय की माध्यम से ज्ञान की ज्योति जलाने का पुण्य कार्य कर रहा है I

एकल विद्यालय देश का ही नही बल्कि दुनिया का सबसे अनूठा अभियान है जो बच्चों के बुनियादी   शिक्षा के विकास में योगदान दे रहा है I सभ्यता संस्कृति और राष्ट्रवाद की शिक्षा देने वाला एकल विद्यालय आज लगभग पुरे देश में अपने पंख फैला चुका है I एकल एक है और इसका उद्देश्य भी एक है लेकिन इसके लाभ अनेक है, क्योंकि यह शिक्षा,  स्वस्थ्य, रोजगार, संस्कार, और ग्रामोत्थान की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है I यदि बालक विद्यालय नही जा सकता तो क्यों न विद्यालय को बालक तक पहुंचाया जाये” स्वामी विवेकनन्द के इसी आदर्श वाक्य के साथ एकल विद्यालय निरंतर आगे बढ़ रहा है I

एकल के प्रयास से इन छोटे – छोटे नन्हें बच्चों के जीवन में एक छोटी सी आशा की किरण जलती है और वही आगे चलकर सूर्य की तरह चमक बिखेरते है और देश का नाम रोशन करते है I एकल विद्यालय के बच्चे आज शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और देश सेवा जैसे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे है एलक के अधिकांश बच्चे सैन्य सेवा के माध्यम से  सरहद पर देश की सुरक्षा के लिए तैनात होकर देश सेवा कर रहे है I  एकल के बच्चों ने खेल के महाकुम्भ ओलिंपिक तक का सफ़र तय करके भारत का मान बढ़या, एकल विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर के बच्चे भारत के अलावा दुनिया के कई अन्य देशों में भी कार्यरत है I  ज्ञान के प्रकाश पुंज की प्रकाश किरण फ़ैलाने वाला एकल विद्यालय मानवता की सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण है I एकल से जुड़े हुए कार्यकर्ता अपने जीवन का अमूल्य समय इस महान कार्य में लगाकर दिन-रात एक करके अज्ञानता के अंधकार को मिटाने का कार्य कर रहे है I एकल पंचमुखी शिक्षा का पथप्रदर्शक है जिससे व्यक्ति समाज और देश का बहुमुखी विकास हो रहा है I

भारत मूल रूप से कृषि प्रधान देश है जिसकी अधिकांश आबादी गॉंव में रहती है, हमें अपने गावों का विकास करना होगा I ताकि गॉंव का रहने वाला व्यक्ति शहर की चकाचौंध से आकर्षित न हो बल्कि स्वत: परिश्रम द्वारा अपने गॉंव को ही नगर में परिवर्तित कर सके I महत्मा गाँधी ने कहा था कि देश के विकास का मार्ग गावों से होकर गुजरना चाहिए ताकि देश का सर्वंगिण विकास हो सके जब तक गॉंव का विकास नही होता देश विकसित नही हो सकता I

आज एकल देश के अधिकांश हिस्सों में सुचारू रूप से संचालित हो रहा है  और अब हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण भारत में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कामरूप से लेकर कच्छ तक एकल को पहुँचाना है I ताकि सम्पूर्ण भारत से अज्ञानता का अंधकार दूर हो सके और भारत फिर से विश्व गुरु बनकर दुनिया का नेतृत्व कर सके I

आपके द्वारा किया गया आंशिक सहयोग एक बच्चे के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला सकता है I कहा जाता है बच्चे भगवान का रूप होते है और विद्यालय मंदिर की तरह होता इसलिए एक बार इस जिवंत भगवान और शिक्षा के मंदिर में अपना सहयोग देकर मानवता की सेवा के महाकुम्भ का भागीदार अवश्य बने I आप www.blspindia.org पर जाकर एकल विद्यालय के बारे में अधिक जानकारी ले सकते हैं I